राधे..प्रेम की अनोखी दास्तां (सीज़न 2) - 3

हास्पिटल के बहार..एक बैंच पर बैठी थी राधा मां के आने का इंतजार कर रही थी।मां ने कहा था कि तुम यहीं बैठकर इंतजार करो , मैं डाक्टर ‌से मिलकर आती हुं।बेंच पर बैठी राधा सामने निहार रही थी वहां एक छोटा सा बगीचा बना था जिस पर कुछ बैंच पड़ी थी उस पर कुछ लोग बैठे थे।बगीचे में नीचे हरी घास बिछी थी कुछ छोटे पौधे लगे थे पर, फूल नहीं लगे थे।राधा बगीचे में कुछ ढूंढ रही थी पर उसे मिला नहीं वह इधर-उधर देखती रही पर वह कहीं नहीं दिखा।और अचानक राधा ने सामने से देव को आते हुए