रहस्यमयी बच्चारात का स्टेशन शांत था। जीत की खुशी अभी भी परिवार और टीम के चेहरों पर झलक रही थी। लेकिन तभी ट्रेन से उतरे उस छोटे बच्चे ने सबकी धड़कनें रोक दीं। उसके हाथ में एक चिट्ठी थी— "बगावत की अगली पीढ़ी।" पृथ्वी ने बच्चे को देखा। उसकी आँखों में मासूमियत थी, लेकिन चिट्ठी का संदेश खतरनाक। सनाया ने बच्चे को गले लगाया। “ये कौन है?” बच्चा बोला, “मुझे भेजा गया है। मेरा नाम आर्यन है। माया का वारिस।” टीम सन्न रह गई। नीरा ने कहा, “तो खेल खत्म नहीं हुआ। माया ने अगली पीढ़ी तैयार कर दी।” ---नई साजिश की गंधसुबह मीटिंग हुई।