लाल पत्थर का राज - भाग 2

बाहर काव्या अपनी स्कूटी के पास खड़ी होकर बार-बार हॉर्न की कर्कश आवाज़ निकाल रही थी। उसकी आवाज़ में साफ़ धमकी थी जब उसने चिल्लाकर कहा, "विराज! अब अगर तुम एक मिनट में बाहर नहीं आए, तो मैं खुद अंदर आ रही हूँ!"अंदर, विराज अपने कमरे की खिड़की से बाहर का नज़ारा देख रहा था। उसने हताशा में अपने माथे पर हाथ मारा। उसने मन ही मन सोचा, 'आज तो यह मेरे दिमाग का दही कर देगी। अगर इसके साथ कॉलेज गया, तो पूरे रास्ते इसका भाषण सुनना पड़ेगा और ऊपर से सब दोस्त फिर मज़ाक उड़ाएंगे।'उसने दबे पाँव अपने