असुरविद्या - 6

मच्छरसमीरा ने नफरत से विहान की ओर देखा जो सोया हुआ था. शक्ल पर मत जा रॉकी. इसने शोरूम में लाखों की घडी बेची थी और नकद पैसे लिए थे.समीरा ने रॉकी की ओर मुडकर फुसफुसाते हुए अपनी बात पूरी की, रॉकी, तू सोच भी नहीं सकता इसने मेरा कितना मजाक उडाया था. जब मैंने इसका पीछा किया, तो देखा कि ये सिर्फ एक दुकान तक नहीं रुका. ये दूसरी दुकान में भी घुसा और वहाँ से भी ढेर सारे पैसे लेकर निकला. यहाँ तक कि इसने सबसे महंगे मोबाइल भी खरीदी हैं, मैंने खुद अपनी आँखों से इसे नकद