हाइड्रो सिद्धांत

1️⃣ प्रस्तावनाबिग बैंग के प्रारंभिक क्षणों में न तो पदार्थ अस्तित्व में था और न ही वह गुरुत्वाकर्षण जिसे आज हम अनुभव करते हैं। उस समय केवल अत्यधिक सघन, असिमित और असंयमित ऊर्जा तथा अत्यधिक ताप का प्रभुत्व था। यह अवस्था न तो ठोस थी, न गैसीय — यह केवल शुद्ध ऊर्जा की अवस्था थी।2️⃣ मूल परिकल्पनायह सिद्धांत प्रस्तावित करता है कि:जब अत्यधिक ताप और ऊर्जा दीर्घकाल तक एक साथ अस्तित्व में रहते हैं, तो ऊर्जा में आत्म-संघनन की प्रवृत्ति उत्पन्न होती है, जिसे गुरुत्वाकर्षण के आदिम रूप के रूप में समझा जा सकता है।अर्थात गुरुत्वाकर्षण कोई स्वतंत्र तत्व नहीं