अध्याय २: रिकवरी मोड और अक्षय खन्ना वाली एक्टिंगद मुहाना ऑपरेशन्स: 'रडार' से 'इंटरसेप्टर' तकजैसे ही आशीष जैन अपनी एक्टिवा को गली के मुहाने पर मोड़ते हैं, फ़िज़ाओं में एक सनसनी फैल जाती है। चाणक्य, जो अभी तक एक पुराने 'काले बोरे' की तरह मिट्टी में निढाल पड़ा था, अचानक सक्रिय हो जाता है। उसके कान, जो दिखने में भले ही गधे जैसे लंबे हों, असल में वो ३६० डिग्री घूमने वाले सोफेस्टिकेटेड सेंसर हैं। वो हवा की गति, एक्टिवा के टायर का घर्षण और आशीष भाई के परफ्यूम की खुशबू को एक साथ स्कैन करते हैं।जैसे ही आशीष मुहाने