बेरंग इश्क गहरा प्यार - एपिसोड 28

एपिसोड: सिंथेटिक विद्रोह: खुदा की वापसी1. ठहरे हुए समय का भ्रमधमाके की गूँज अभी भी आर्यन के कानों में बज रही थी। सूरज की वह पहली किरण, जिसे वह आज़ादी का प्रतीक समझ रहा था, अब उसे एक ठंडे कफन की तरह महसूस हो रही थी। उसके हाथ में मौजूद मोबाइल की स्क्रीन पर देब का वह काला आँखों वाला चेहरा स्थिर था। वह चेहरा, जो कुछ पल पहले तक बलिदान की प्रतिमूर्ति था, अब साक्षात् मृत्यु का संदेशवाहक लग रहा था।"आर्यन... वह देब नहीं है," अन्वेषा की आवाज़ टैबलेट से आई। उसकी आवाज़ में वह डिजिटल स्थिरता नहीं थी,