मेरा जीवन साधारण परिस्थितियों में शुरू हुआ, लेकिन मेरे विचार कभी साधारण नहीं रहे। बचपन से ही मेरे मन में चीज़ों को जैसा बताया गया है वैसा मान लेने के बजाय, यह जानने की जिज्ञासा रही कि आख़िर ऐसा क्यों होता है।जब मैंने प्रकृति, आकाश, प्रकाश, परमाणु और ऊर्जा के बारे में पढ़ना शुरू किया, तो मेरे भीतर प्रश्न पैदा होने लगे। मैं केवल उत्तर याद नहीं करना चाहता था, बल्कि उनके पीछे छिपे कारणों को समझना चाहता था। यही कारण था कि विज्ञान मेरे लिए किताबों का विषय नहीं, बल्कि सोचने का तरीका बन गया।मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण