रूहों का सौदा

रूहों का सौदा क्या जीत केवल तलवार से होती है? जब मर्यादा की दीवारें ढहने लगीं और क्रोध ने विवेक का गला घोंट दिया, तब रुद्र ने उठाया एक ऐसा कदम जिसने सबको स्तब्ध कर दिया। लेकिन इस शांति के पीछे एक भयानक तूफान छिपा था। एक रहस्यमयी परछाईं और एक खौफनाक चेतावनी— 'महागुरु ही तुम्हारे विनाश का द्वार हैं!' क्या रुद्र अपने रक्षक पर भरोसा कर पाएगा? क्या 'रक्त-शिला' के जागने का अर्थ पूरे गुरुकुल का अंत है?"​अध्याय 1  रुद्र का समर्पण और क्रोध का शमन​तलवारों की खनखनाहट और लौरा की चीखें पूरे गलियारे में गूँज रही थीं। लौरा के