Chapter 4 : जिसे ढूँढा नहीं जातामैंने नाम लिया—Sarika।उसने दो सेकंड सोचा, फिर बोली, “यहाँ इस नाम की कोई active file नहीं है।”Active.शब्द अटका रहा।मतलब कभी रही होगी।मैंने ज़्यादा सवाल नहीं किए। सवाल तभी पूछे जाते हैं जब सामने वाला सुनने को तैयार हो। यहाँ वो तैयारी नहीं थी।दिन भर काम करती रही, लेकिन ध्यान बार-बार वहीं लौट आता था। कुछ ढूँढने की इच्छा और कुछ पाने का डर—दोनों एक साथ चल रहे थे।शाम को घर लौटी तो सबसे पहले अलमारी खोली। पुरानी फाइलें, पुराने काग़ज़, कॉलेज के नोट्स—सब कुछ। मैं किसी एक चीज़ को ढूँढ नहीं रही थी, बस