पहली बार तीनों की धड़कनें एक साथकमरे में हल्की रोशनी है। Shreya बीच में खड़ी है। करन उसके पीछे आकर उसकी कमर पर हाथ रखता है। कबीर सामने खड़ा होकर उसके चेहरे को हल्के से छूता है।Shreya की सांसें भारी हैं।दोनों ओर से महसूस होने वाला प्यार उसे कमजोर भी बना रहा है और पिघला भी रहा है।कबीर: (धीरे से) बोला - डरो मत… हम यहीं हैं।करन: (उसकी गर्दन पर हल्का स्पर्श करते हुए) बोला - बस दिल की सुनो… बाकी हम संभाल लेंगे।Shreya आँखें बंद कर लेती है। एक हाथ से करन की उंगलियाँ पकड़ती है… दूसरे से कबीर की शर्ट।तीनों