एपिसोड 21: नई ऊर्जा का उदयपटना शहर की शांत सुबह टूट गई। माया और इशान का नया घर—सफेद दीवारें, बड़ा बगीचा—सूर्य की किरणों से नहाया। दो साल बीत चुके थे ब्रह्मांड राजा की हार के। माया किचन में खड़ी, चाय बनाते हुए इशान को बुलाई। "इशान, सालगिरह मुबारक! याद है, चंद्रमा से लौटकर पहला दिन?" इशान आया, पीछे से गले लगाया। उसकी साँसें गर्म। "कैसे भूलूँ? तेरी बाहों में लौटा था। प्यार ने जीवन दिया।" गहरा चुंबन। माया शरमाई। "बच्चे देख लेंगे।"नीरा, अब 12 साल की लंबी लड़की, नीली आँखों वाली, कमरे से दौड़ी। "मम्मी-पापा, रोमांटिक हो गए!" आरव, 10