मेरी जीवनकथा

मेरा नाम प्रभजोत सिंह है। मेरा जीवन एक साधारण परिवार और सामान्य परिस्थितियों में शुरू हुआ। मेरे पास शुरू से कोई विशेष सुविधाएँ नहीं थीं, लेकिन मेरे पास सोचने की आज़ादी थी। बचपन से ही मेरे मन में चीज़ों को लेकर जिज्ञासा रही। मैं केवल वही मान लेने में विश्वास नहीं करता था जो मुझे बताया जाता था, बल्कि यह समझना चाहता था कि उसके पीछे कारण क्या है।जब मैं छोटा था, तब प्रकृति की छोटी-छोटी बातें भी मुझे सोचने पर मजबूर कर देती थीं। आकाश नीला क्यों दिखाई देता है, प्रकाश कैसे चलता है, वस्तुएँ गिरती क्यों हैं, और