मौत की दस्तक: हर पन्ने पर एक नई दहशत। - 3

देवगढ़ का आखिरी हॉल्टसमीर को पुरानी जगहों और अनसुलझे रहस्यों का शौक था। वह एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर था, जिसका मानना था कि 'भूत' जैसी कोई चीज नहीं होती, बस हमारे दिमाग का वहम और रोशनी का खेल होता है। इसी वहम को चुनौती देने के लिए वह पहुँचा 'देवगढ़'—एक छोटा सा रेलवे स्टेशन जो करीब 40 सालों से बंद पड़ा था।इलाके के लोग कहते थे कि रात के 12 बजकर 12 मिनट पर वहाँ एक 'काली ट्रेन' रुकती है, जो किसी समय सारिणी (Timetable) में नहीं है। समीर ने अपना कैमरा, ट्राइपॉड और टॉर्च उठाई और निकल पड़ा उस