शीर्षक: तुम्हारा अंश...!!आज पूरे डेढ़ वर्ष बीत चुके थे,जब आराध्या और अरुण पहली बार प्रेम में थे।छठ बीतते ही आराध्या और अरुण अपने-अपने कर्मभूमि की ओर प्रस्थान कर रहे थे।तभी रेलवे स्टेशन पर एक गर्भवती का स्नेहिल स्पर्श आराध्य को अवाक कर दिया , "जरा साइड हो जाओ बहिनी,पेट में बालक लिए है न.."आराध्या "ओह,सॉरी सॉरी मैडम मैने आपको देखा नहीं,आप ठीक तो है ,, लीजिए यहां बैठ जाइए।"आराध्या बेंच से उठकर वहीं पास खड़ी हो जाती है। तब तक अरुण उसके लिए पके हुए भुट्टे पर नींबू मसलते हुए ला रहा था..,दोनों ने भुट्टे खाए।जाना दोनों को एक ही शहर