दिल ने जिसे चाहा - 29

रुशाली बिना कुछ कहे वहाँ से चली गई।मयूर सर कुछ पल तक उसी जगह खड़े रहे। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि अभी जो हुआ, वो सच था या कोई ऐसा सपना, जो अचानक आकर टूट गया हो। पाँच साल बाद, इतनी क़रीब आकर भी, वो दोनों एक-दूसरे से कुछ नहीं कह पाए। न कोई शिकायत, न कोई सवाल—बस एक भारी-सी खामोशी, जो मयूर सर के दिल में गहरी उतरती चली गई।जिस लड़की की मौजूदगी कभी उनके सबसे थके हुए दिन को भी हल्का कर देती थी, आज वही उन्हें देखकर भी कुछ बोले बिना चली गई।मयूर सर के