टाइम 12:15 रात,लोकेशन: मुंबई… कबीर का कमरामोबाइल की हल्की रोशनी में कबीर छत को घूर रहा था।नींद आँखों से कोसों दूर थी।फोन हाथ में था…पर उंगलियाँ बार-बार उसी चैट पर जा रही थीं Shivika Deshmukhतीन घंटे हो चुके थे,और आखिरी मैसेज उसी का था।कबीर (मन में):इतनी देर तक कोई अनजान लड़की क्यों याद आ रही है… फिर अचानक फोन बजा...NotificationShivika sent a messageकबीर लगभग झटके से सीधा बैठ गया।शिविका:“तुम हमेशा इतनी देर तक जागते रहते हो क्या?”कबीर मुस्कुराया।टाइप करता है कबीर:“ऑफिस वाले दिन में सोने नहीं देते… रात को आदत पड़ गई है जागने की और तुम?”शिविका:“मेरी नींद किताबों में अटक जाती