भावुक टूटन और एकजुटजेल में कालिया से मुलाकात। पृथ्वी गया। "खत्म करो ये चक्र।" कालिया हँसा, "मेरा बेटा सुधरेगा। लेकिन स्टेशन... हमारा हक।" पृथ्वी बोला, "नई पीढ़ी को छोड़ो।" कालिया चुप। घर लौटे। सनाया ठीक। आरव मुस्कुराया। लेकिन विक्रम ने खुलासा: "रुद्र, तू अर्जुन से मिला था गुप्त।?" रुद्र टूटा, "मैं... सुधारना चाहता था। परिवार।" झगड़ा। पृथ्वी ने सब संभाला, "एक रहो।"महीनों बाद स्टेशन पर ग्रैंड ओपनिंग। नई ट्रेन लॉन्च। अर्जुन जेल से चिट्ठी: "सॉरी। काउंसलिंग में।" सनाया ने पढ़ा, "माफ़ी?" पृथ्वी ने चुंबन दिया, "हाँ। बगावत खत्म।" फैमिली डांस। आरव ताली बजाया। लेकिन दूर ट्रेन सीटी—एक नया सुर। क्या