दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 14

बगावत के सुर, एपिसोड 14: नया शत्रु, टूटती एकजुटआरव की पहली हँसी ने घर भर दिया। श्राप टूटा, स्टेशन पटरी पर। पृथ्वी राठौर ने फैमिली को इकट्ठा किया। "कालिया जेल में, लेकिन उसका बेटा? सावधान।" सनाया बोली, "पृथ्वी, अब शांति दो। आरव को प्यार चाहिए।" विक्रम ने सिक्योरिटी चेक किया। रुद्र अब फुल-टाइम स्टाफ, "भाई साहब, मैं निगरानी रखूँगा।" रमेश ठीक हो गया, हँसा, "टीम सॉलिड!"नया चेहरादिन बीते। स्टेशन पर नया इंटर्न जॉइन—अर्जुन सिंह, 25 साल का स्मार्ट लड़का। मुंबई से, साइबर एक्सपर्ट। पृथ्वी ने इंटरव्यू लिया। "परिवार?" अर्जुन मुस्कुराया, "माँ अकेली। पापा... गुजरे।" काम शानदार। सब प्रभावित। सनाया ने कहा,