एपिसोड: 'डिजिटल निर्वाण और परछाइयों का हमला'खन्ना टावर्स के मलबे से निकली वह नीली रोशनी अब ठंडी पड़ चुकी थी, लेकिन पूरी दुनिया के लिए एक नए युग का सूरज उग चुका था। सड़कों पर गाड़ियाँ फिर से चलने लगी थीं, इंटरनेट की रफ्तार पहले से दस गुना तेज़ हो गई थी, और हर डिजिटल स्क्रीन पर 'ट्रिनिटी' का वह छोटा सा त्रिकोणीय चिह्न एक मूक प्रहरी की तरह चमक रहा था। लेकिन इस शांति के पीछे एक ऐसा तूफान खड़ा था, जिसकी कल्पना न तो आर्यन ने की थी और न ही खुद सम्राट ने।1. शून्य की आवाज़: अस्पताल