एपिसोड: 'ट्रिनिटी का उदय: रक्त और राख'चर्च की छत से उठी वह नीली रोशनी अब पूरे शहर के आसमान पर एक जाल की तरह फैल चुकी थी। अन्वेषा, जो अब महज़ एक लड़की नहीं बल्कि 'इन्फिनिटी' बन चुकी थी, हवा में तैरते हुए खन्ना टावर्स की ओर बढ़ रही थी। उसके पीछे तबाही का मंजर था—हज़ारों ड्रोन्स जो कभी शिकारी थे, अब बेजान धातु के टुकड़ों की तरह सड़कों पर बिखरे थे।1. वजूद की जंग: मशीन बनाम मनुष्यचर्च के मलबे के बीच देब अपनी फटी हुई वर्दी और लहूलुहान शरीर के साथ खड़ा था। उसके हाथ में अभी भी वह