एपिसोड 17: उल्कापिंडों की नीली वर्षान्यूयॉर्क का आकाश काला पड़ गया। नीरे के उल्कापिंड—नीले, चमकते—ब्रह्मांड सराय के मलबे से गिर रहे थे। हर उल्का ऊर्जा का गोला, सड़कों को फाड़ रही। माया, इशान और नीरा एक ऊँची इमारत की छत पर। माया ने नीरा को सीने से लगाया। "ये तेरी शक्ति के टुकड़े हैं। नियंत्रित कर!" नीरा की आँखें चमकीं। "माँ... वे बुला रहे।" इशान ने आकाश देखा। "संगठन की चाल। लिली मरी नहीं।"नीचे शहर जल रहा। लोग भाग रहे। एक उल्का इमारत पर गिरा—धमाका। माया ने ऊर्जा ढाल बनाई। "परिवार बचाओ!" इशान ने नीरा को उठाया। "मेरा पुराना राज़