।एपिसोड 15: अंतरिक्ष का नीलकमलन्यूयॉर्क की सड़कें अभी भी काँप रही थीं। टाइम्स स्क्वायर के नीचे सराय के मलबे में माया घुटनों पर बैठी थी। इशान का शरीर ठंडा पड़ चुका था। नीरा उसके पास सिमटी हुई, नीली आँखों से आँसू बहा रही थी। "पापा..." उसकी छोटी आवाज़ हवा में गूँजी। माया ने उसे सीने से लगाया। इशान की ऊर्जा उसके अंदर बह रही थी—गर्माहट, लेकिन दर्द भरी। "वह चला गया, लेकिन हम जीवित हैं। बदला लूँगी, नीरा। संगठन को खत्म करूँगी।"माया उठी। आसमान में नीला तूफान घना हो गया था। दूर क्षितिज पर एक चमकता द्वार खुल रहा था—अंतरिक्ष