दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 12

बगावत के सुर, एपिसोड 12: छिपी आग, नया संकटआरव के जन्म के छह महीने बाद दर्पंगा रेलवे स्टेशन चमक रहा था। नई ट्रेनें, चमचमाते प्लेटफॉर्म, यात्री खुशहाल। पृथ्वी राठौर अब सीनियर मैनेजर, सनाया पार्ट-टाइम सोशल वर्कर। विक्रम सिक्योरिटी इन-चार्ज, रमेश उनका दाहिना हाथ। रुद्र जेल से बाहर, काउंसलिंग के बाद स्टेशन पर जूनियर स्टाफ। "भाई साहब, मैंने गलतियाँ सुधार लीं," रुद्र ने पृथ्वी से कहा। पृथ्वी ने कंधा थपथपाया, "परिवार एक है। भूल गए सब।"आरव अब नन्हा शरारती, सनाया की गोद में हँसता। एक शाम घर पर फैमिली डिनर। विक्रम ने तोasts किया, "नई पीढ़ी, नई शुरुआत!" लेकिन रात को