में और मेरे अहसास - 142

नूतन नूतन शहर नई उम्मीदों लेकर आई हैं l दिल ने चैन औ सुकून की साँस पाई हैं ll   नया सवेरा नया उजाला साथ साथ l हर तरफ़ आशाओं की किरनें छाई हैं ll   उमंग होशो हवास में भर आगे बढ़ो l फिझाओ ने खुशी से रागिनी गाई हैं ll   जोर शोर से स्वागत करने के लिए l बयारे भी साथ अपने रंगत लाई हैं ll   अधूरी अभिलाषा को पूरा करने में l भोर की ताजगी तनमन को भाई हैं ll १-१-२०२६  संकल्प सब से हट कर लेना संकल्प वो अनोखा भी चाहिए l आसानी से