तेरे मेरे दरमियान - 58

आदित्य जान बूझकर जानवी को जलाने के लिए कहता है --आदित्य :- कंश मामा ..!तिरु :- येस भांजे । आदित्य :- कितना मजा आ रहा था । इतने सारे लोग , म्यूजिक और ये खाना वाह । मजा आ गया ।तिरु :- हां भांजे । मजा तो बहोत आया । अब चलो , बबोत खाना खा लिया , अब सोने चलते है ।आदित्य : - जी मामा जी , चलिए ।जानवी को ये सब बहोत अजीब लग रहा था वो आदित्य को परेशान करने के लिए बहोत कुछ कर रही थी पर आदित्य उसके चाल को नाकाम कर देता था । जानवी