Nil Chhaya

वेब-सीरीज़ टाइटल: “नीलछाया”जॉनर: मॉडर्न माइथोलॉजी + साइंस-फिक्शन + थ्रिलरएपिसोड 1: जागरण(पूरा वेब-सीरीज़-स्टाइल स्क्रिप्ट, नए ज़माने के हिसाब से)सीन 1: ओपनिंग सीक्वेंसलोकेशन: महानगर – रातड्रोन शॉट। तेज़ रफ्तार शहर। फ्लाईओवर, मोबाइल स्क्रीन, बिलबोर्ड, एआई ऐड्स।पीछे धीमी लेकिन बेचैन कर देने वाली म्यूज़िक बीट।वॉइस ओवर (गंभीर):“पुराण कहते हैं राक्षस खत्म हो गए।विज्ञान कहता है वे कभी थे ही नहीं।लेकिन अगर दोनों झूठ हों…?”कट टू ब्लैक।सीन 2: अचानक मौतलोकेशन: मेट्रो स्टेशन – रात 11:48भीड़। एक आदमी, लगभग 35 साल का, अचानक रुकता है।उसकी आँखें नीली चमकती हैं।वह ज़मीन पर गिर जाता है।लोग चिल्लाते हैं।मोबाइल कैमरे ऑन।उस आदमी की छाती पर एक अजीब सा