दूसरी तरफ दूसरा खेल शुरू हो चुका था शुक्र को आने पर मजबूर कर दिया था ।रात — समय 2:17 AMस्थान — भारत, विंध्याचल की पहाड़ियों के भीतर छिपी एक भूमिगत प्रयोगशालाधरती के नीचे 300 फीट गहराई में बनी उस प्रयोगशाला मेंना मंदिर था, ना मठ —वहाँ कोड, क्वांटम प्रोसेसर, न्यूरल नेटवर्क औरदीवारों पर उकेरे गए वैदिक मंत्र साथ-साथ साँस ले रहे थे।एक गोलाकार कक्ष जिस में बड़ी बड़ी स्क्रीन थी ।बीच में काले पत्थर की वेदी।उस पर रखा था एक क्रिस्टल कोर —जिसके भीतर घूमता हुआ नीला प्रकाश किसी जीवित आँख जैसा प्रतीत हो रहा था।“सब तैयार है सर…”एक