Ashvdhaama: एक युग पुरुष - 12

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वर्तमान समय असुर वंश = आज के आधुनिक आतंकी संगठन,और उनकी उत्पत्ति जोड़ दी जाए गांधार (काबुल–कंधार क्षेत्र) से जहाँ कभी शकुनि का राज्य था —अश्वत्थामा जिस मणि को माथे पर धारण करता था, असुर वंश उसी मणि की तलाश में हैं उधर दैत्य गुरु शुक्राचार्य का एक सेवक उनका आहवान करके अश्व धामा तक पहुंचे की कोशिश कर रहा था ।क्योंकि वहअमरता,अजेयता,ऊर्जा नियंत्रण,और समय के संतुलन को प्रभावित करने की शक्ति देती है।और आज के आतंकवादी संगठन इसी असुर वंश के मानव-रूप वंशज हैं।अब आगे ____“गांधार की परछाइयाँहिमालय की गुफा के बाहर विस्फोट की गूँज पड़ी। ओर कुछ हलचल अश्व