एपिसोड 10: अमरता का आईनामाया सीढ़ियों से ऊपर चढ़ रही थी, हर कदम के साथ इमारत काँप रही थी। 60वीं मंजिल—वहाँ एक गुप्त पेंटहाउस था, जहाँ शहर की चमक नीचे खिलौने जैसे लग रही थी। दरवाजा अपने आप खुल गया। अंदर, एक विस्तृत कमरा था, दीवारों पर नीले नीलकमल के चिन्ह उकेरे हुए। बीच में एक पुरुष खड़ा था—60 साल का, लेकिन चेहरे पर जवानी की चमक। उसके हाथ में एक चांदी का आईना था, जो नीली रोशनी फेंक रहा था। वह शहर का मेयर था, राघव सिन्हा—'माया' संगठन का बॉस।"स्वागत है, बेटी," राघव ने मुस्कुराते हुए कहा। उसकी आवाज़