और फिर एक दिन……सिया घर के कामों में व्यस्त थी तभी उसके फोन पर एक ईमेल आया—"Congratulations! You have been shortlisted for the interview"ईमेल पढ़ते ही सिया की आँखों में आँसू आ गए। ये आँसू दर्द के नहीं, बल्कि खुशी, उम्मीद और उत्साह के थे। लेकिन खुशी के साथ डर भी था—"अगर घरवालों को पता चला और उन्होंने जाने नहीं दिया तो?"इंटरव्यू वाले दिन सिया ने साधा सा सूट पहनकर, कांपते कदमों से उस ऊँची चमकती बिल्डिंग के सामने खड़ी हुई, जो कि अर्शित रॉय की कंपनी थी।सिया डरी-सहमी बिल्डिंग के अंदर गई। अंदर का माहौल बहुत सख्त और प्रोफेशनल