भाग - 1 : वो पहली चोट कहानी शुरू होती है दादरा गाँव से, एक ऐसा प्यारा सा गाँव, जहाँ सुबह की हवा में मिट्टी की खुशबू और शाम को सपनों की आहट होती है।दादरा... यह सिर्फ़ एक गाँव का नाम नहीं था, बल्कि एक अलग ही दुनिया थी जो अपनी धीमी और सुकून भरी रफ़्तार से चलती थी। यहाँ की सुबह अलार्म घड़ियों से नहीं, बल्कि मंदिर की घंटियों से होती थी।अभी सूरज पूरी तरह निकला भी नहीं था कि पूरब दिशा में आसमान सिंदूरी होने लगा था। खेतों में खड़ी फसलों पर ओस की बूंदें ऐसे चमक रही थीं,