कहते है दुनियां हर पल एक इतिहास रचती है। हर नई चीज टाइम के साथ बदल जाती है। और पुरानी हो जाती है।ये बात बहुत सही भी है।आज टाइम के साथ लगभग हर चीज बदल चुकी है। बहुत बार याद आता है ये बदलाव हर जगह के लिए शायद मुमकिन नहीं है।क्या परिवर्तन केवल शहरों के लिए है ?क्या शिक्षा केवल शहर की महिलाओं के लिए है?क्या ये बदलाव किसी गांव या एक कस्बे के लिए नहीं है?आज भी दौसा के उन गलियों मे मैने जातिवाद पलता देखा। आज भी दौसा की हर गली में एक औरत काम करके आने