दो राज्यों का अमर प्रेम - 2

युद्ध के बीच पलता बचपन, और मन में उगते मौन प्रश्न युद्ध केवल रणभूमि में नहीं लड़ा जाता।वह बच्चों की नींद में,माताओं की आँखों में,और भविष्य के सपनों में भी पलता है।राजकुमार नील और राजकुमारी मीनाक्षी,दोनों का बचपन तलवारों की छाया में बीता,पर दोनों की आत्मा ने युद्ध को अलग-अलग रूप में महसूस किया।राजकुमार नील - एक योद्धा, जो युद्ध से डरता थापीतमगढ़ का महल पत्थरों से बना था,पर उसकी दीवारों से अधिक कठोर था वहाँ का अनुशासन।नील जब पाँच वर्ष का हुआ, तो उसे लकड़ी की तलवार थमा दी गई। सात वर्ष में घुड़सवारी।दस वर्ष में शस्त्रविद्या।महाराज देवव्रत का एक