इस घर में प्यार मना है - 4

घर में शाम का सन्नाटा था। कमरे की खिड़की से हल्की धूप अंदर आ रही थी। लेकिन कमरे में मौजूद कार्तिक उस हल्की रोशनी के बीच भी पूरी तरह खोया हुआ लगता था।वो थका हुआ था… और मानसिक रूप से पूरी तरह खाली।उसका दिमाग ब्लैंक था। सिर्फ दीवार को घूर रहा था,जैसे दुनिया में कुछ भी न हो।संस्कृति खिड़की से बाहर झांक रही थी। उसके मन में एक ख्याल आया—संस्कृति (मन में) बोली - अगर मैं इस घर को फिर से पहले जैसा बनाना चाहती हूँ…तो पहले घर के बड़े बेटे को अपने वश में करना होगा।पर कैसे?वो कुछ पल के