कृतिका :- कैसे चितां ना करु । अंकल ( अशोक ) आप उसे कल अपने घर लेकर आईएगा । हम आपकी बेटी को नही संभाल सकते । आदित्य ऐसे ही बहोत परेशान है उसे और परेशान मत किजिये ।,आदित्य: - कृतिका ..! कृतिका :- क्या कृतिका हा , क्या कृतिका । कब तक दुसरो के लिए जिओगे । अरे तुम भी इंसान हो भगवान नही , मैं जानती हूँ मोनिका से तुं कितना प्यार करते हो , पर कभी जताया ही नही , सबके सामने ऐसे दिखाया जैसे तुम्हें कोई फर्क ही नही पड़ता । मुझे लगा था जानवी समझदार होगी