रागिनी की बात को सुनकर सभी हक्का बक्का रह जाता है ।रागिनी फिर कहती है --रागिनी :- मैं उस मनहूस शाम को कभी नही भूल सकता , जब आदित्य मेरे पास आया था , उसी शाम को मैं भी आदित्य को अपने दिल की बताने वाली थी । पर उससे पहले ही इसने तुम्हारे बारे मे बता दिया । फिर बाद मैने भी आदित्य को अपनी दिल की बात बताई पर क्या फायदा ये तो तुम्हारा हो चुका था । अब पता चला के ये फिर से सिगंल हो गया है तो ट्राई मार रही हूँ के काश ये शादी