ख़ौफ़ और तबाही

यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है। इसमें दर्शाए गए सभी पात्र, स्थान और घटनाएँ कल्पना पर आधारित हैं। किसी भी वास्तविक व्यक्ति स्थान या घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।अंधकार का साम्राज्य और आगमनअंधकारनंद केवल एक नाम नहीं था वह डर की ऐसी भाषा था जिसे समझने के लिए शब्दों की ज़रूरत नहीं पड़ती थी उसकी आँखों में बुद्धि थी दिमाग़ में राजनीति और हाथों में पूरा साम्राज्य वह तीनों भाइयों में सबसे शांत दिखने वाला लेकिन सबसे ख़तरनाक था क्योंकि वह कभी ग़ुस्से में नहीं मारता था वह सोच‑समझ कर नस काटता था उसके दो छोटे भाई विनाशराज अघोर