दीवाने की दिवानियत - एपिसोड 3

एपिसोड 3: वफादारी की अग्निपरीक्षातालाब के किनारे सन्नाटा था, बस सनाया की तेज चलती सांसों की आवाज सुनाई दे रही थी। पृथ्वी का कंधा खून से लथपथ था, लेकिन उसकी नजरें सनाया के चेहरे पर टिकी थीं।"तुमने मुझे क्यों बचाया, सनाया?" पृथ्वी ने दबी आवाज में पूछा।सनाया ने बिना कोई जवाब दिए अपने दुपट्टे का एक हिस्सा फाड़ा और मजबूती से पृथ्वी के जख्म पर बांध दिया। उसकी आंखों में खौफ और गुस्सा एक साथ था। "ये मत समझना कि मैंने तुम्हें माफ कर दिया है। मैं बस नहीं चाहती कि मेरे शहर की बदनामी हो कि ठाकुरों ने किसी