28 साल पहले, एक गाँव में यशवंत प्रताप सिंह नाम का एक व्यक्ति रहता था। वह अत्यंत अमीर था, पैसों की उसे कोई कमी नहीं थी। लेकिन करोड़ों की दौलत होने के बावजूद भी उसके भीतर धन का लोभ भरा हुआ था। दरअसल, यशवंत उसी भव्य हवेली का मालिक था। हवेली में नौकर-चाकरों की कोई कमी नहीं थी। यशवंत के परिवार में केवल उसकी पत्नी और एक छोटा सा बच्चा था।यशवंत प्रताप काले जादू और तंत्र-मंत्र में गहरा विश्वास रखता था। उसे डर रहता था कि कहीं उसकी दौलत और हवेली को किसी की नज़र न लग जाए, इसलिए वह