सगाई के बाद शादी की बात निर्धारित की जाती है। गीता यह सोचते- सोचते मंत्र मुग्ध हो रही थी। की अब उसकी भी शादी होगी। हर किसी की तरह उसकी भी एक एक रस्म बडी धूम धूम धाम से होगी। रिश्तेदारों का आना जाना लगा रहेगा। ओर बिछड़े उन सभी लोगों से मिलने का मोका मिलेगा। जो आज तक नहीं मिले है। ओर कहीं न कहीं ये बात सही भी है। एक बार को लोग लड़के की शादी छोड़ देते है मगर ""अगर लडकी की शादी का रिश्ता मीलों दूर से भी आया होता है सभी लोग जाकर ही रहते है। ओर