. अनचाहा अहसासविक्रम सिंह की मौत के बाद शहर में शांति तो हो गई थी, लेकिन माया के लिए यह शांति किसी आने वाले तूफान का संकेत थी। आर्यन की रूह को इंसाफ मिल चुका था, पर माया के कमरे में फैली वह मोगरे की खुशबू अब फीकी पड़ने की बजाय और भी तेज़ होने लगी थी।एक रात, जब माया गहरी नींद में थी, उसे महसूस हुआ कि उसके बेडरूम की खिड़की जोर-जोर से हिल रही है। जैसे ही उसने आँखें खोलीं, उसने देखा कि खिड़की के कांच पर भाप से एक धुंधला चेहरा बना हुआ है। वह आर्यन नहीं