आईने की दूसरी तरफदीनू काका की मौत को एक हफ्ता बीत चुका था। पुलिस की फाइलों में केस बंद हो चुका था, लेकिन माया के जीवन में अशांति की एक नई लहर शुरू हो गई थी। वह मोगरे का फूल, जो उसे अपने बिस्तर पर मिला था, सूखने का नाम नहीं ले रहा था। सात दिन बीत जाने के बाद भी उसकी खुशबू वैसी ही ताज़ा थी, जैसे उसे अभी-अभी शाख से तोड़ा गया हो।माया ने महसूस किया कि अब उसकी अपनी आदतें बदलने लगी थीं। वह घंटों आईने के सामने बैठी रहती। एक रात, जब उसने अपनी आँखों में