Ashvdhaama: एक युग पुरुष - 11

हिंदुकुश पर्वत की गहरी घाटियों के बीच, बर्फ से भरा एक सूना इलाक़ा थाकुंजर पास, जहाँ आज भी कई जगहों पर कोई इंसान पैर नहीं रखता।रात का समय था।आसमान बादलों से भरा, हवा में बर्फ की ठंडक,और घाटी के सन्नाटे में सिर्फ़ एक आवाज़ गूँज रही थीखुरच-खुरच… पत्थर में कुछ खोदा जा रहा था।तीन लोग काले जैकेट पहने, सिर पर नाइट-विज़न गॉगल्स लगाए, एक प्राचीन चट्टान को सावधानी से काट रहे थे।उनका लीडर—ज़ाराक , 45 साल का, दाढ़ी में सफ़ेद लकीरें, दुनिया के कई “ब्लैक-लिस्टेड” संगठनों से जुड़ा एक रहस्यमयी नाम।उसके हाथ में एक पुरानी, लेदर-कवर डायरी थीजिस पर संस्कृत