अधूरी डायरी: हमेशा का वादाभाग 1: पहली मुलाकातदिल्ली की उस पुरानी लाइब्रेरी में, जहाँ हवा में किताबों की सड़ांध भरी महक तैरती रहती थी, आरव पहली बार नेहा से मिला। आरव एक साधारण सा लड़का था—25 साल का, आईटी कंपनी में जूनियर डेवलपर। रोज़ शाम को वो लाइब्रेरी आता, कोने की उस शेल्फ पर बैठता, जहाँ पुरानी डायरियाँ और जर्नल्स रखे थे। उसे पुरानी चीजों का शौक था—जैसे कोई खोई हुई कहानी को जीवंत करना।उस शाम बारिश हो रही थी। आरव अपनी कॉफी का घूँट ले रहा था कि नेहा अंदर घुसी। लंबे काले बाल, नीली सलवार कमीज, और हाथ