NIKOLA TESLA

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निकोला टेस्ला की जवानी – एक सपने देखने वाले की कहानीयूरोप के एक छोटे से गाँव स्मिलजान में, 10 जुलाई 1856 की आधी रात को तेज़ बिजली चमक रही थी। आकाश में गरज थी, मानो प्रकृति स्वयं किसी असाधारण आत्मा के जन्म का स्वागत कर रही हो। उसी रात एक बालक ने जन्म लिया—निकोल टेस्ला। दाई ने डरते हुए कहा,“यह बच्चा अंधकार का पुत्र है।”माँ ने शांत स्वर में उत्तर दिया—“नहीं, यह प्रकाश का पुत्र होगा।” बचपन से जवानी तक: असामान्य बालकटेस्ला बचपन से ही अलग थे। वे चीज़ों को देखे बिना भी अपने मन में बना लेते थे।