पुरानी हवेली का राज - 1

  • 492
  • 156

रात इतनी गहरी थी कि चाँद की रौशनी भी शायद डर के छिप रही थी। बारिश की बूंदें पत्थरों पर जोर से गिर रही थीं, और हर तरफ सिर्फ अंधेरा था।यह कहानी है २२ साल के आरव की, जो कुछ ही समय पहले बैंगलोर में शिफ्ट हुआ था।शहर के बीचो-बीच एक पुरानी, खाली हवेली खड़ी थी। टूटे-फूटे दरवाजे, घिसी-पिटी दीवारें। लोगों का कहना था कि अक्सर रात में उस हवेली से अजीब-सी आवाजें आती हैं और हवेली के एक कोने से रौशनी दिखाई देती है।आरव ने सोचा, “जो लोग कहते हैं, शायद बस कहानियाँ हैं, पर जो भी है, मुझे