पहली मुलाकातगर्मी की छुट्टियाँ खत्म हो चुकी थीं, और स्कूल का पहला दिन था। स्कूल का गेट बच्चे और उनके माता-पिता से भरा हुआ था। हर कोई अपने दोस्तों से मिलने के लिए उत्साहित था।बिकाश, दसवीं कक्षा का एक होशियार लेकिन शर्मीला लड़का, अपनी कॉपी और बैग हाथ में लेकर स्कूल की ओर बढ़ रहा था। उसके अंदर हमेशा एक हल्की-सी घबराहट रहती थी, खासकर जब उसे नए लोगों से मिलना पड़ता।क्लास में प्रवेश करते ही उसकी नजरें नई छात्राओं की ओर गईं। तभी उसकी नजर माया पर पड़ी – नई छात्रा, जिसकी मुस्कान कुछ ऐसी थी कि जैसे पूरे