भोग से भी बड़ा आनंद:- रोहित ने उस बांसुरी को श्रद्धा पूर्वक अपने मस्तक से लगाया और आंखें बंद कर भगवान कृष्ण की स्तुति की। अगले एक क्षण रोहित ने अपनी आंखें खोली और उस बांसुरी को अपने दाहिने हाथ में लेकर ध्यान तथा मंत्र उच्चारण शुरू किया……उसने अपने दाहिने हाथ में बांसुरी लेकर उसे आकाश की ओर ऊपर उठाया,फिर उसने बांसुरी को हथेलियों के मध्य में रखकर हाथ जोड़े।वह अपने दोनों हाथ जोड़े और आंखें बंद कर प्रार्थना के मंत्र बुदबुदाने लगा।उसने अगले ही क्षण भारत से हजारों किलोमीटर दूर युद्धक्षेत्र में बड़ी तेजी से आगे बढ़