यशस्विनी - 42

(115)
  • 1.3k
  • 1
  • 330

एक और ब्रह्मास्त्र:- नेहा और प्रज्ञा भी अभी आश्रम में ही रुके हुए हैं।रोहित के जीवन से यशस्विनी के जाने के बाद जो रिक्तता उत्पन्न हो गई थी,वह अभी भी है,लेकिन रोहित ने जैसे अपने जीवन का उद्देश्य प्राप्त कर लिया हो।आगे उनका साथ देने के लिए उनका ध्यान रखने वाली नेहा है।विवेक और प्रज्ञा भी हैं।आध्यात्मिक मार्गदर्शन के लिए इस आश्रम के प्रमुख स्वामी मुक्तानंद तो हैं ही,शहर में महेश बाबा और यशस्विनी के साथ काम करने वाले योग स्वयंसेवकों का दल भी है।रोहित आश्रम स्थित अपने कक्ष से बाहर निहारते हुए एक बार फिर यशस्विनी की यादों में खो